माननीय उपमुख्यमंत्री जी ने दीप प्रज्ज्वलन कर ‘‘उत्तर प्रदेश लोक संस्कृति उत्सव’’ ‘लोक रंग, माटी के संग’ कार्यक्रम का किया शुभारम्भ
- Advertisement -




डबल इंजन की सरकार लोक कलाओं को जीवंत बनाये रखने तथा उनके सम्वर्धन, संरक्षण तथा विलुप्त होने से बचाने के लिए संकल्पित-मा0 उपमुख्यमंत्री
लोक कला नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने की अनोखी पहल-माननीय उपमुख्यमंत्री, श्री केशव प्रसाद मौर्य
प्रयागराज 06 सितम्बर, 2026।
माननीय उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य रविवार को व्यंजना आर्ट एण्ड कल्च्चर्र सोसायटी संस्था के सौजन्य से उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र (एनसीजेडसीसी) में आयोजित ‘‘उत्तर प्रदेश लोक संस्कृति उत्सव’’ ‘लोक रंग, माटी के संग’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। मा0 उपमुख्यमंत्री जी ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। मा0 उपमुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम में ‘‘संगीत सतरंग’’ नामक पुस्तिका का विमोचन किया।
नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से 6 सितंबर से 8 सितंबर तक ‘व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी’ तथा संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त तत्त्वावधान में तीन दिवसीय ‘लोक संस्कृति उत्सव’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। उत्सव का पहला दिन अत्यंत उत्साह, उमंग और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर मा0 उपमुख्यमंत्री जी ने अपने सम्बोधन में कार्यक्रम के आयोजन के लिए संस्था की संस्थापक मधुरानी शुक्ला व अन्य सदस्यों व लोक कलाकारों का अभिनंदन करते हुए उन्हें बधाई दी तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। मा0 उपमुख्यमंत्री जी ने कहा कि लोक कलाकार अपनी लोक कलाओं एवं शब्दों के जादू से लोगो को प्रभावित करते है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार लोक कलाओं को जीवंत बनाये रखने तथा उनके सम्वर्धन, संरक्षण तथा विलुप्त होने से बचाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक को लोक कलाओं के संरक्षण, सम्वर्धन एवं कार्यक्रम के आयोजन हेतु पांच हजार की क्षमता वाले ऑडिटोरियम परिसर बनाये जाने के लिए के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाये जाने के लिए कहा है। कहा कि सरकार के पास अच्छे कामों के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत बनाने में आप सभी का महत्वपूर्ण योगदान होगा। उन्होंने संस्था को अन्तर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर सफल कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बधाई दी।
इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अविरल धारा बही—
सर्वप्रथम ‘व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी के बच्चों द्वारा लोकगीत की प्रस्तुति की गई जिसके बोल‘सोना झरल’ , ‘बामन बनगयो कृष्ण मुरारी’ , व ‘ऐसे बरखा माँ बदरिया धनधोर’ रहे और लोकनृत्य के बच्चों ने ‘बरसन लगी बजरिया’ के बोल पर नृत्य किया।
वृंदावन की सुप्रसिद्ध गायिका श्रीमती आस्था गोस्वामी ने अपनी सुमधुर आवाज में ब्रज एवं अवधी बयार की मनमोहक प्रस्तुति दी जिनके बोल – ‘आनंद घर नाचत है गणपति’ रही , जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
तत्पश्चात गाजीपुर से पधारे श्री जीवन राम एवं उनके सहयोगी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत ‘धोबिया नृत्य’ की ऊर्जावान और आकर्षक प्रस्तुति दी गई,
प्रतिभाओं का दिखा अद्भुत लोक रंग
दिन के पहले सत्र में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन ‘व्यंजना आर्ट एण्ड कल्चर सोसाइटी’ द्वारा कराया गया , जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी लोक कला का बखूबी प्रदर्शन किया। लोकगीत व चित्रकला मे प्रथम आऐ प्रतिभागी को पुरस्कार स्वरूप धन राशि व द्वितीय, तृतीय पद पर आऐ प्रतिभागी को सोसाइटी द्वारा पुरस्कार दिया गया।
पूरे दिन चले इन आयोजनों में 400 से अधिक कलाप्रेमी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे और इस भव्य आयोजन के साक्षी बने। कार्यक्रम के दौरान श्रीमती मधु शुक्ला, डॉ. मृत्युंजय राव परमार, श्रेयश शुक्ला, शांभवी शुक्ला सहित कला एवं साहित्य जगत की कई गणमान्य हस्तियाँ मौजूद रहीं।
कल का आकर्षण (7 सितंबर का कार्यक्रम):
उत्सव के दूसरे दिन यानी 7 सितंबर को भी सांस्कृतिक संध्या अत्यंत खास रहने वाली है:
प्रसिद्ध लोकगायक श्री दिनेश यादव अपने साथियों के साथ पारंपरिक ‘बिरहा गायन’ की प्रस्तुति देंगे।
इसके तद्पश्चात मंच पर ‘दिग्गज कवियों का समागम होगा, जिसमें डॉ. सरिता शर्मा, डॉ. विनम्र सेन, डॉ. कमलेश राय, श्री समीर शुक्ला एवं डॉ. श्लेष गौतम जैसे प्रतिष्ठित कवि दर्शकों को अपनी कालजयी कविताओं के सागर में सराबोर करेंगे। आयोजकों ने सभी कलाप्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर इस लोक उत्सव का आनंद लेने का आत्मीय आग्रह किया है।
इस अवसर पर मा0 विधायक चायल श्रीमती पूजा पाल, श्री अवधेश गुप्ता, श्रीमती अनीता त्रिपाठी, यमुनापार अध्यक्ष श्री राजेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में लोक कलाकार उपस्थित रहे।