निःसंतान दंपतियों के लिए सही समय पर जांच जरूरी: डॉ. आकृति गुप्ता

बिरला आईवीएफ एंड फर्टिलिटी, गोरखपुर में मीडिया के साथ एक इंटरएक्टिव सेशन आयोजित किया गया। इस मौके पर सेंटर की फर्टिलिटी विशेषज्ञ डॉ. आकृति गुप्ता ने निःसंतानता से जुड़ी समस्याओं, उनके कारणों और आधुनिक इलाज के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी। उन्होंने समय पर जांच और इलाज शुरू करने की जरूरत पर खास तौर से जोर दिया।

इस दौरान यह भी बताया गया कि बिरला आईवीएफ एंड फर्टिलिटी, गोरखपुर ने हाल ही में अपने 3 साल पूरे किए हैं। इन तीन वर्षों में सेंटर ने कई दंपतियों को माता-पिता बनने में मदद की है और क्षेत्र में भरोसेमंद पहचान बनाई है।

डॉ. आकृति गुप्ता ने बताया कि सेंटर में उच्च गुणवत्ता की आईवीएफ लैब है, जहां आधुनिक मशीनें लगी हैं और 24 घंटे अनुभवी एम्ब्रायोलॉजिस्ट मौजूद रहते हैं। इससे एंब्रियो की सही देखभाल होती है और इलाज की सफलता के मौके बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि यहां फाइव-डे ब्लास्टोसिस्ट एंब्रियो तैयार कर गर्भाशय में ट्रांसफर किए जाते हैं, जिससे प्रेगनेंसी के चांस बेहतर होते हैं।

उन्होंने आगे बताया कि बिरला आईवीएफ एंड फर्टिलिटी में इलाज को किफायती और आसानी से उपलब्ध बनाया गया है, ताकि दूर-दराज के इलाकों और कम आय वाले दंपतियों को भी अच्छे इलाज के लिए बड़े शहरों में न जाना पड़े। सेंटर में लगातार अच्छे सक्सेस रेट बनाए रखे जा रहे हैं और दंपतियों की संतुष्टि पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है।

दंपतियों की प्राइवेसी पर बात करते हुए डॉ. आकृति गुप्ता ने कहा कि “यहां आने वाले हर दंपति की जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रखी जाती है। इलाज से जुड़ी सभी बातें सिर्फ पति-पत्नी और डॉक्टर के बीच ही होती हैं। किसी और के साथ दंपतियों की जानकारी साझा नहीं की जाती।”

निःसंतान दंपतियों के लिए संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अगर शादी के एक साल बाद भी नियमित कोशिश के बावजूद प्रेगनेंसी नहीं हो रही है, तो बिना देर किए फर्टिलिटी जांच करानी चाहिए। समय पर कारण पता चलने से आईवीएफ जल्दी और बेहतर तरीके से हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि उम्र बढ़ने के साथ फर्टिलिटी के चांस कम हो सकते हैं, इसलिए इंतजार करने के बजाय समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

डॉ. आकृति गुप्ता ने कहा कि बिरला आईवीएफ एंड फर्टिलिटी में चिकित्सा के साथ-साथ दंपतियों को मानसिक सहयोग भी दिया जाता है। पूरी टीम सहानुभूति के साथ काम करती है, ताकि उपचार के दौरान दंपति खुद को अकेला न महसूस करें।

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने समाज में फर्टिलिटी को लेकर सही जानकारी फैलाने की जरूरत पर भी जोर दिया और कहा कि जो दंपति यहां से अच्छा अनुभव लेकर जाते हैं, वे दूसरों को भी सही समय पर आईवीए के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करें।

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