Mahakumbh 2025 Stampede LIVE Updates: प्रयागराज के महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई। संगम नोज के करीब भगदड़ में दर्जनों लोग घायल हो गए है। दर्जनों एम्बुलेंस से घायलों को केंद्रीय चिकित्सालय महाकुंभ लाया गया है। इसबीच देश के ग्रह मंत्री अमित शाह ने सीएम योगी से फोन पर बातचीत की
Mahakumbh 2025 Mauni Amavasya Stampede: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में मौनी अमावस्या के दिन भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ गई कि भगदड़ मच गई। इस हादसे में 15 लोगों की मौत की खबर है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना में दर्जनों श्रद्धालु घायल हो गए, जिससे मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
हादसे की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक घंटे में दो बार यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की और राहत कार्यों को तेज करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की और तुरंत आवश्यक मदद उपलब्ध कराने को कहा।
CM योगी की अपील – संगम क्षेत्र न जाए
हादसे के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे संगम क्षेत्र की ओर न जाएं और अपने नजदीकी घाटों पर ही स्नान करें। उन्होंने लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से बचने की भी अपील की।
उन्होंने सोशल मीडिया X (Twitter) पर लिखा कि प्रिय श्रद्धालुओं, महाकुंभ 2025 में मां गंगा के जिस घाट के आप समीप हैं, वहीं स्नान करें। संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें। कृपया प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
अखाड़ों ने स्थगित किया स्नान
मौनी अमावस्या के इस विशेष स्नान के दौरान हुए हादसे के कारण कई अखाड़ों ने अपने स्नान स्थगित कर दिए।
जूना अखाड़ा का बयान
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि आज का स्नान विश्व कल्याण के लिए था, लेकिन जो हादसा हुआ, वह दुखद है। मैं घायलों के परिजनों के लिए प्रार्थना करता हूं। इसी कारण हमने अपनी ‘शोभा यात्रा’ स्थगित कर दी है।
निरंजनी अखाड़े का फैसला
निरंजनी अखाड़े के प्रमुख कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि भीड़ बहुत ज्यादा थी, इसलिए अखाड़ा परिषद और सभी आचार्यों ने फैसला किया कि हम आज स्नान नहीं करेंगे। संत हमेशा लोगों की भलाई के लिए सोचते हैं, इसलिए हमने यह निर्णय लिया। अब हम वसंत पंचमी पर पवित्र स्नान करेंगे।
महाकुंभ की सुरक्षा पर सवाल
महाकुंभ में 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, लेकिन बार-बार हो रही भगदड़ से सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है कि इतनी भारी भीड़ को सुरक्षित तरीके से कैसे संभाला जाए।