जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजस्व कार्यों, राजस्व वादों, आईजीआरएस, कर-करेत्तर व राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक सम्पन्न

जिलाधिकारी ने कार्यों में लापरवाही बरतने पर नायब तहसीलदार माण्डा को प्रतिकूल प्रविष्टित था नायब तहसीलदार सदर दक्षिणी को कारण बताओं नोटिस जारी करने के दिए निर्देश

अभियान चलाकर भूमाफियाओं को चिन्हित कर उन्हें भूमाफिया घोषित करने की कार्यवाही प्रचलित करते हुए उनके विरूद्ध करें कड़ी कार्यवाही

जनपद की आईजीआरएस रैकिंग नीचे जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी सम्बंधित अधिकारियों को आईजीआरएस प्रकरणों को प्राथमिकता पर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करने के दिए निर्देश

प्रयागराज 12 जून, 2026

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (राजस्व) राजस्व कार्यों, राजस्व वादों, आईजीआरएस, कर-करेत्तर व राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी तथा सभी सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कार्यों में लापरवाही बरतने पर नायब तहसीलदार माण्डा को प्रतिकूल प्रविष्टि, नायब तहसीलदार सदर दक्षिणी को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है। उन्होंने छात्रवृत्ति योजनाओं से सम्बंधित प्रकरणों में खराब फीडबैक होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी को वर्तमान स्थिति में सुधार लाने तथा सभी से सम्पर्क कर संतोषजनक फीडबैक प्राप्त करने के निर्देेश दिए है। उन्होंने विद्युत, पिछड़ा वर्ग कल्याण, जल निगम ग्रामीण, पीडब्लूडी प्रांतीय खण्ड, सिंचाई विभाग को शत-प्रतिशत शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिए जाने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड की रैकिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः जिन भी राजस्व से सम्बंधित प्रकरणों की सीएम डैशबोर्ड पर रैकिंग बी, सी, डी है, उन्हें प्राथमिकता पर निस्तारित करते हुए रैकिंग को ए श्रेणी में लाये जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी अपर जिलाधिकारियों को अपनी-अपनी तहसीलों का औचक निरीक्षण कर सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित किए जाने के साथ लम्बित वादों का नियमित रूप से अनुश्रवण करने एवं शीघ्रता से निस्तारण की कार्यवाही सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को नियमित रूप से न्यायालय में वादों की सुनवाई करने एवं वादों का शीघ्रता का निस्तारण करने हेतु कहा है। उन्होंने अभिलेख त्रुटि सुधार से सम्बंधित 1 वर्ष से लम्बित प्रकरणों को निस्तारित करते हुए शून्य किए जाने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने बैठक में राजस्व से संबंधित सभी अधिकारियों को नियमित रूप से कोर्ट में बैठने एवं मुकदमो की नियमित सुनवाई करते हुए वादों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राजस्व विभाग के लम्बित वादों की तहसीलवार विस्तृत समीक्षा करते हुए सम्बंधित उपजिलाधिकारियों को सभी 3 एवं 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी वादों को शीर्ष प्राथमिकता पर रखते हुए निस्तारित करने तथा लम्बित प्रकरणों को शून्य किए जाने के निर्देश दिए हैं। धारा-38/2 के 1 वर्ष से अधिक प्रकरणों को इसी माह निस्तारित करने के निर्देश दिए है। धारा-34, धारा-67, धारा-116 के मामले जो अधिक समय से लम्बित है, उन्हें जल्द से जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए है। धारा-80 के मामलों की प्रतिदिन समीक्षा करते हुए जो भी मामले लम्बित है, उन्हें तत्काल निस्तारित करने के निर्देश दिए है। धारा 24 के लम्बित प्रकरणों को जल्द से जल्द निस्तारित कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने धारा-34, धारा-80, धारा-116 से सम्बंधित प्रकरणों को जिनमें सम्बंधित तहसीलों की रैंकिग प्रदेश स्तर पर अच्छी नहीं है, उनमें अभियान चलाकर प्रकरणों का निस्तारण कराये जाने के लिए कहा है। जिलाधिकारी ने तहसील में राजस्व से सम्बंधित ऐसे सभी प्रकरणों जिनमें खराब प्रगति है कड़ी नाराजगी व्यक्त की और कार्यप्रणाली में सुधार लाये जाने के निर्देश दिए है।

जिलाधिकारी ने थानादिवस को प्रभावी बनाये जाने तथा थाना दिवस के पूर्व ही भूमि विवाद से सम्बंधित कम से कम 5 प्रकरणों को प्रत्येक थानावार चिन्हित कर जांच की कार्यवाही पूर्ण कराते हुए थानादिवस पर निस्तारित कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंनेे सभी उपजिलाधिकारियों को थाना दिवस पर थानों में जनता दरबार लगाकर लोगो के समस्याओं को निस्तारित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने थानों में भूमि विवाद रजिस्टर को चेक कर अपडेट कराये जाने के लिए कहा है। जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री, अंश निर्धारण तथा जनगणना से सम्बंधित कार्यों में तेजी लाए जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को तहसीलों का काम समयबद्ध और बेहतर तरीके से कार्य करने तथा नियमित रूप से कोर्ट में बैठने तथा मुकदमों की नियमित रूप से सुनवाई करते हुए निस्तारण किए जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राजस्व मुकदमों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाये, जमीनी विवादों का निस्तारण मौके पर जाकर किया जायें। भूमि सम्बन्धित विवादों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष तरीके से गुणवत्ता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाय।

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को सरकारी भूमियों पर अवैध कब्जा करने वाले एवं भूमाफियाओं के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी तहसीलों में अभियान चलाकर भूमाफियाओं को चिन्हित किए जाने तथा उन्हें भूमाफिया घोषित करने की कार्यवाही प्रचलित करते हुए उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाये। उन्होंने पूर्व में चिन्हित भूमाफियाओं एवं नए चिन्हित होने वाले भूमाफियाओं के सूची को पुलिस आयुक्त महोदय को उपलब्ध कराने तथा उनके विरूद्ध गुण्डा एक्ट, गैंगेस्टर एक्ट सहित सख्ती से कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है। बैठक में जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल से सम्बंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए जनपद की आईजीआरएस रैकिंग नीचे जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा सभी सम्बंधित अधिकारियों को आईजीआरएस प्रकरणों को प्राथमिकता पर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी नगर से प्रत्येक विभाग में आईजीआरएस की मानीटरिंग सिस्टम बनाये जाने तथा सम्बंधित का उत्तरदायित्व तय करने के लिए कहा है। उन्होंने प्रत्येक प्रकरण में शिकायतकर्ता से वार्ता किए जाने तथा उसे संतुष्ट करते हुए संतोषजनक फीडबैक प्राप्त करने के लिए कहा है। उन्होंने सभी सम्बंधित अधिकारियों को पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों की नियमित समीक्षा करने एवं उन्हें गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से स्वयं निस्तारित कराने केे निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने निस्तारण के पश्चात शिकायतकर्ता से बात करके फीडबैक अवश्य लिए जाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा है कि आवेदकों से वार्ता किये जाने के पश्चात ही आख्या अपलोड की जाये एवं शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी सम्बंधित अधिकारियों से समय सीमा के अन्तर्गत प्रकरण का न्यायोचित, गुणवत्तापूर्वक समाधान करने के लिए कहा है। जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर एक ही शिकायतकर्ता के द्वारा बार-बार की जाने वाली शिकायतों को चिन्हित करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रत्येक सप्ताह शिकायकर्ता के साथ बैठक कर सम्बंधित शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। बैठक में जिलाधिकारी ने कर-करेत्तर की समीक्षा करते हुए सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित किए जाने के साथ-साथ आर0सी0 की वसूली में भी तेजी लाये जाने निर्देश दिए है। जिलाधिकारी कहा कि सभी संबंधित विभाग लक्ष्य के सापेक्ष वसूली सुनिश्चित करे, शत-प्रतिशत वसूली न करने वालों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने आबकारी, राज्यकर, परिवहन, विद्युत, नगर निगम, मंडी, बांट माप, स्टाम्प, राजस्व सहित अन्य विभागों की वसूली और प्रवर्तन कार्यों की जानकारी लेते हुए सभी विभागों को शत-प्रतिशत राजस्व वसूली करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करें, ताकि सरकारी राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित हो।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नजूल श्री संजय पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी नगर श्री सत्यम मिश्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती विनीता सिंह, अपर जिलाधिकारी आपूर्ति श्री विजय शर्मा, तथा सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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