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प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन

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केन्द्र सरकार के 12 वर्ष उस परिवर्तनकारी यात्रा का उत्सव है, जिसमें गांव, गरीब, किसान को विकास की मुख्य धारा में लाने का कार्य हुआ

प्रभारी मंत्री ने जिला पंचायत परिसर में कृषि विभाग की प्रदर्शनी का फीता काटकर किया शुभारम्भ

तालमेल एक्सप्रेस

*प्रयागराज 19 जून, 2026। प्रभारी मत्री मंत्री जल शक्ति विभाग उत्तर प्रदेश स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में उत्तर प्रदेश श्री अन्न (मिलेट्स) पुनरूद्धार कार्यक्रम अन्तर्गत मिलेट्स रेसिपी एवं उपभोक्ता जागरूकता पर आधारित प्राकृतिक खेती कार्यशाला-विकसित कृषि संकल्प अभियान एवं खेत बचाओं अभियान कार्यक्रमों का आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सांसद फूलपुर प्रवीण पटेल, महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी, विधायक फाफामऊ गुरु प्रसाद मौर्य, विधायक शहर पश्चिम सिद्धार्थ नाथ, विधायक फूलपुर दीपक पटेल, विधान परिषद सदस्य सुरेन्द्र चौधरी व डॉ0 के0पी0 श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष महानगर संजय गुप्ता, जिलाध्यक्ष गंगापार निर्मला पासवान, जिला अध्यक्ष यमुनापार राजेश शुक्ला, नीरज त्रिपाठी, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। प्रभारी मंत्री ने केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण के अवसर पर युवा, महिला एवं गरीब कल्याण को समर्पित सरकार की उपलब्धियों तथा उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुकी वृहद इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, आध्यात्मिक केन्द्रों के विकास एवं आन्तरिक सुरक्षा के सुदृढ़ मॉडल तथा ‘‘विकसित उत्तर प्रदेश-2047 पर आधारित 04 दिवसीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा प्रदर्शनी की सराहना की। प्रभारी मंत्री ने जिला पंचायत परिसर में कृषि विभाग के द्वारा प्राकृतिक खेती किए जाने हेतु भूमि शोधन की तकनीकि, केमिकल फ्री पेस्टीसाइड, जैविक खाद एवं जीवामृत, बीजामृत बनाने की विधि पर आधारित प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारम्भ किया। मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैं गंगा, यमुना व सरस्वती की त्रिवेणी तथा धर्म, न्याय व शिक्षा की भूमि जनपद प्रयागराज को प्रणाम करता हूं। प्रयाग केवल एक नगर नहीं, यह संस्कार, संस्कृति और सिद्धांतों की संगम स्थली है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने का यह अवसर उस परिवर्तनकारी यात्रा का उत्सव है, जिसने गांव, गरीब, किसान को विकास की मुख्य धारा में लाने का कार्य किया। मा0 प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमारा देश विकसित भारत संकल्प की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसी राष्ट्र की समृद्धि का आधार उसकी खेती और उसका किसान होता है, यदि किसान समृद्ध होगा तो हमारा भारत समृद्ध होगा, यदि खेत खुशहाल होंगे, तो देश आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक सम्पूर्ण भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प रखा है जिसकी आधारशिला हमारे गांव और किसानों की उन्नति में निहित है। उन्होंने कहा कि अधिक उत्पादन हेतु रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग हुआ, जिससे भूमि की उर्वरता, जल की गुणवत्ता और मानव स्वास्थ्य पर उसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। विगत कुछ वर्षों में किडनी की बीमारियां, उच्च रक्तचाप, शुगर जैसी बीमारियां बढ़ी है, जिसके पीछे बड़ा कारण प्राकृतिक जीवनशैली, शुद्ध भोजन और प्रकृति के अनुरूप कृषि पद्धतियों में बदलाव है, इसलिए आज प्राकृतिक खेती केवल कृषि का विषय नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ भारत के निर्माण का अभियान है। उन्होंने कहा कि किसानों के उन्नति के लिये प्राकृतिक खेती के माध्यम से नयी तकनीक और रोजगार के अवसर जोड़े जा रहे हैं जिससे कृषि कार्य में परिवर्तन, स्थायी उत्पादन, जल संरक्षण एवं उत्पादन लागत कम करके कृषकों की आय बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत पूरे भारत में 11 करोड़ से अधिक किसानों को 6 हजार रूपये की सहायता प्रतिवर्ष दी जा रही है, योजनान्तर्गत अबतक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि डी0बी0टी0 के माध्यम से किसानों के खाते में अन्तरित की गयी है। प्रभारी मंत्री ने प्राकृतिक कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले बाराबंकी के प्रगतिशील कृषक एवं पद्यम श्री से सम्मानित श्रीराम सरन वर्मा जी के प्राकृतिक खेती में उल्लेखनीय कार्य तथा गुजरात के डांग जिले में प्राकृतिक खेती किए जाने, सिक्किम में बांस की ड्रिप सिंचाई और स्थानीय जड़ी बुटियों से बने कीटनाशकों का प्रयोग करके अदरक, इलायची और हल्दी की अच्छी फसले उगाने, हिमांचल प्रदेश के किसानों द्वारा सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती मॉडल अपनाये जाने के बारे में भी कार्यक्रम में उपस्थित लोगो को बताया। उन्होंने आर्गेनिक गुड़ और गुड़ का पाउडर, आर्गेनिक फार्म्स पर सीधे खेतो से आने वाली फल, सब्जियों, गायों के दूध से पारम्परिक बिलोना विधि से तैयार घी, मुरिंगा पाउडर तथा पारम्परिक तरीके से उगाये गये मिलेट्स और बिना पॉलिस वाले चावल की मार्केट डिमाण्ड के बारे में भी जानकारी दी।प्रभारी मंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगो को ‘‘मिट्टी बचायेंगे, जल बचायेंगे’’। ‘‘प्राकृतिक खेती अपनायेंगे, स्वस्थ भारत बनायेंगे’’, ‘‘किसान समृद्ध होगा तो विकसित भारत का सपना साकार होगा’’, का संकल्प दिलाया। सांसद फूलपुर, प्रवीण पटेल द्वारा अपने सम्बोधन में बताया गया कि प्राकृतिक खेती प्राचीन खेती की विधि है। आज के परिप्रेक्ष्य में हम कृषि का अधिक उत्पादन प्राप्त करने हेतु अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करते हैं जिसका मानव जीवन, पर्यावरण तथा मृदा स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कृषकों से अनुरोध किया कि उर्वरक-रसायनों का उपयोग अपने कृषि क्षेत्र में संतुलित मात्रा में उपयोग करें तथा कृषक भाई प्राकृतिक खेती की तरफ आगे बढ़े जिससे हम रोग मुक्त रहे और स्वस्थ रहे तभी हमारा जीवन भी स्वस्थ रहेगा। विधायक फूलपुर, दीपक पटेल ने कृषक भाईयों को प्राकृतिक खेती को करने हेतु हर गांव के किसानों में प्रचार-प्रसार कर प्रोत्साहित किए जाने के लिए कहा, जिससे भूमि का स्वास्थ्य सही होगा तथा गुणवत्तापूर्वक उत्पाद पैदा होगा और उसके सेवन से हमारा स्वास्थ्य सही रहेगा। विधायक फाफामऊ गुरु प्रसाद मौर्य ने कृषकों से अपील की कि पूरे भारत में इस तरह की किसान गोष्ठी एवं अन्य माध्यमों से प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों को जागरूक करें तथा ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक खेती करें, जिससे हम सभी स्वस्थ रह सके। इसके अतिरिक्त कृषकों से कहा कि आप द्वारा जल संरक्षण, पेड़ों का संरक्षण करने से पर्यावरण शुद्ध रहेगा तथा हमारा तो जीवन स्वस्थ रहेगा। विधायक शहर पश्चिमी सिद्धार्थ नाथ ने सभी कृषकों से प्राकृतिक खेती पर विस्तुत चर्चा करते हुए बताया कि प्रयागराज से सटे जनपद कौशाम्बी में स्थित एक्सीलेंस सेंटर में आम, केला इत्यादि फलों के संरक्षण हेतु प्रशिक्षण दिया जाता है एवं वहॉं प्रशिक्षण प्राप्त करके अपने फलों इत्यादि का बेहतर संरक्षण करके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।कार्यक्रम के शुभारम्भ के उपरान्त तकनीकी सत्र में कृषि वैज्ञानिक एम0पी0 सिंह केेवीके छाता बहरिया द्वारा प्राकृतिक खेती के समस्त तकनीकी बिन्दुओं के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम के अन्त में प्रभारी मंत्री द्वारा प्राकृतिक खेती में सार्थक योगदान हेतु प्रमाणपत्र एवं हरी खाद हेतु मिनीकिट का वितरण कृषकों के मध्य किया गया। कार्यक्रम में अपर कृषि निदेशक (कृषि रक्षा तथा बीज एवं प्रक्षेत्र) उत्तर प्रदेश, उप कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) प्रयागराज मण्डल, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, सहायक निदेशक (मृदा परीक्षण-कल्चर) क्षेत्रीय भूमि परीक्षण प्रयोगशाला, भूमि संरक्षण अधिकारी प्रयागराज एवं कृषि वैज्ञानिक, कृषि विश्वविद्यालय शुआट्स नैनी समेत कृषि विभाग एवं जनपद के अन्य अधिकारी-कर्मचारी, कृषि सखी तथा जनपद के कृषक एवं बहनों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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