जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण, पर्यावरण व गंगा सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न
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वृहद वृक्षारोपण हेतु जनपद का लक्ष्य निर्धारित, सभी सम्बंधित विभाग आवंटित लक्ष्य के अनुरूप सभी तैयारियां करें सुनिश्चित जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को संगम सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, पर्यावरण समिति व गंगा सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी के द्वारा बताया गया कि वर्ष 2026 में जुलाई माह में होने वाले वृहद वृक्षारोपण हेतु जनपद का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है, जिसमें वन विभाग सहित 24 विभागों को 71,37,747 पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी विभागों को वर्ष 2026 हेतु विभागवार वृक्षारोपण का लक्ष्य आवंटित कर दिया गया है। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अपने लक्ष्य के अनुसार पौधरोपण हेतु स्थल का चयन किए जाने तथा आवश्यक तैयारियां किए जाने हेतु अभी से कार्ययोजना बनाये जाने के लिए निर्देश दिए गए है। उन्होंने सभी विभागों को लक्ष्य के अनुसार आवश्यक जमीन चिन्हित करते हुए गड्ढ़ा खुदाई का कार्य कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने सभी विभागों को उनके द्वारा वर्षाकाल 2025 में कराये गये वृक्षारोपण का सफलता प्रतिशत उपलब्ध कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने वर्ष 2025 में कराये गये वृक्षारोपण की अर्न्तविभागीय सत्यापन रिपोर्ट जिन विभागों के द्वारा अभी उपलब्ध नहीं करायी गयी है, उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए है।
जिला पर्यावरण समिति की बैठक में डिस्ट्रिक इन्वायरमेंट प्लान के क्रियान्वयन की स्थिति के बारे में जानकारी लेते हुए दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने जिला पर्यावरण समिति के कार्यों की समीक्षा करते हुए डिस्ट्रिक इन्वायरमेंट प्लान के क्रियान्वयन की स्थिति के बारे में जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। उन्होंने चायनीन मांझे के उपयोग, उत्पादन, आपूर्ति व वितरण पर रोक लगाये जाने हेतु प्रभावी कार्यवाही करने के लिए सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है। उन्होंने नगर निगम व पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड संयुक्त रूप से संगम क्षेत्र में अभियान चलाकर साफ-सफाई कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने अंटैप्ड नालों को टैप्ड करने तथा निर्माणाधीन एसटीपी के कार्य को तेजी के साथ पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने ग्रीन एरिया में अवैध निर्माण न होने पाये, इसके लिए निर्देशित किया है। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी व उनकी टीम को नगर निगम के द्वारा नालों की टैपिंग व बायोरेमिडिएशन विधि की स्टडी करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में नदियों में गिरने वाले नालों में भी इसका प्रयोग किए जाने के लिए कहा है। उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी से पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाले विभिन्न शैक्षिक संस्थाओं के बुद्धिजीवियों, विशेषज्ञों एवं शोध छात्रों को सम्मिलित करते हुए पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य किए जाने हेतु प्लान बनाये जाने के लिए कहा है।
’जिला गंगा समिति की बैठक में छोटी नदियों के पुनरोद्धार हेतु कार्ययोजना बनाने के निर्देश’ जिला गंगा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद की छोटी नदियों के पुनरोद्धार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु जिला गंगा समिति के अंतर्गत एक उपसमिति गठित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि उपसमिति जिला स्तर पर छोटी एवं सहायक नदियों का चिन्हिकरण, मैपिंग तथा उनके पुनरोद्धार एवं कायाकल्प की रणनीति तैयार करेगी। मनरेगा विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि इस वर्ष शंकरगढ़ ब्लॉक में लोनी नदी का चयन किया गया । जिलाधिकारी ने कार्यक्रम को जन आंदोलन से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार गतिविधियाँ संचालित करने पर भी बल दिया तथा नदियों में सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों पर समस्त नालों को जल्द से जल्द टैप किये जाने पर जोर दिया ताकि प्रदूषित पानी गंगा में न जाए एवं सिंचाई विभाग से प्रयागराज की नदिया एवं सहायक/ छोटी नदिया एवं विलुप्त नदियों को जानकारी मांगी ताकि नदियों को बचाया जा सके ।