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ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत दो बच्चियां पहुंची चाइल्ड हेल्पलाइन

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तालमेल एक्सप्रेस

प्रयागराज। मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज, रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त, दीपक कुमार आज़ाद के नेतृत्व में प्रयागराज मंडल का रेलवे सुरक्षा बल बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ऑपरेशन ‘नन्हे फरिस्ते’ के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में अकेले, लापता, भटके हुए अथवा संकटग्रस्त बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत प्रयागराज मंडल में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा जनवरी 2026 से 15 जून 2026 तक कुल 315 बच्चों को रेलगाड़ियों एवं रेलवे परिक्षेत्र से सुरक्षित बचाया गया। इन बच्चों में ऐसे बालक एवं बालिकाएँ शामिल थे जो अपने परिजनों से बिछड़ गए थे, घर से भटककर रेलवे परिसर में पहुँच गए थे अथवा अन्य कारणों से असुरक्षित स्थिति में पाए गए थे। इसी क्रम में दिनांक 21 जून 2026 को नैनी जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 4 पर रेलवे सुरक्षा बल के उप निरीक्षक सत्यास कुमार यादव, कांस्टेबल गुलाम कादिर एवं महिला कांस्टेबल साधना की टीम को दो बच्चियां अकेली और असहाय अवस्था में मिलीं। पूछताछ के दौरान बच्चियों ने अपना निवास शंकरगढ़ बताया, लेकिन वे अपने परिजनों का संपर्क नंबर नहीं बता सकीं। इसके बाद दोनों बच्चियों को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट नैनी लाया गया तथा चाइल्ड हेल्पलाइन प्रयागराज को सूचना दी गई। सूचना पर चाइल्ड हेल्पलाइन की केस वर्कर आरपीएफ पोस्ट पहुंचीं और बच्चियों से आवश्यक पूछताछ की। सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के उपरांत दोनों बच्चियों को सुरक्षित देखभाल एवं आगे की कार्रवाई हेतु चाइल्ड हेल्पलाइन प्रयागराज को सुपुर्द कर दिया गया। रेलवे सुरक्षा बल यात्रियों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा के लिए निरंतर सतर्क एवं प्रतिबद्ध है। ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के माध्यम से भटके हुए एवं असहाय बच्चों को संरक्षण प्रदान कर उन्हें उनके परिवारों तक पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन यात्रियों एवं आमजन से अपील करता है कि यदि किसी बच्चे को रेलवे स्टेशन अथवा ट्रेन में अकेला, परेशान या संदिग्ध परिस्थिति में देखें तो तत्काल रेलवे सुरक्षा बल, हेल्पलाइन 139 अथवा निकटतम रेलवे कर्मचारी को सूचित करें, जिससे समय रहते उसकी सहायता सुनिश्चित की जा सके।

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