जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रयागराज द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर मेगा/वृहद सहायता शिविर का शुभारंभ किया गया
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जनपद न्यायाधीश महोदय के द्वारा विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र, कृत्रिम उपकरण, डेमो चेक तथा स्वीकृति पत्र का किया गया वितरण
जनपद न्यायाधीश ने कार्यक्रम स्थल पर योजनाओं से सम्बंधित लगाये गये स्टॉलों का अवलोकन करते हुए योजनाओं के बारे में जानकारी ली, योजनाओं से अधिक से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित कराये जाने के लिए कहा
प्रयागराज 01 नवंबर

जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रयागराज श्री शेषमणि जी के द्वारा रविवार को ईश्वर शरण डिग्री कालेज में मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं द्वीप प्रज्वलित कर मेगा शिविर/वृहद सहायता शिविर का शुभारंभ किया गया। माननीय जनपद न्यायाधीश के कर-कमलों से दिव्यांगजन, प्रोबेशन, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, बेसिक शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री उद्यमी विकास अभियान योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद एक उत्पाद, पंचायतीराज विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को कृत्रिम उपकरण, प्रशस्ति पत्र, स्वीकृति पत्र, प्रमाणपत्र, डेमो चेक प्रदान किए गए। इस अवसर पर श्री आशुतोष श्रीवास्तव एवं उनकी टीम के द्वारा गणेश वंदना, स्वागत गीत, गजल गायन प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित लोगो को सम्बोधित करते हुए माननीय जनपद न्यायाधीश महोदय ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य कार्य जनता को उनके अधिकारों से अवगत कराना तथा विधिक सहायता उपलब्ध कराना है, साथ ही साथ सरकार के द्वारा जो योजनाएं जनता के उत्थान एवं कल्याण के लिए संचालित की जा रही है, उनका अधिक से अधिक लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद करना है। उन्होंने कहा कि शासन एवं न्यायपालिका का उद्देश्य है कि मुकदमें बाजी खत्म हो, इसलिए मध्यस्ता केन्द्र एवं सुलह समझौता केन्द्र की स्थापना की गयी है और प्रयास रहता है कि ज्यादा से ज्यादा मामले बातचीत व आपसी सुलह समझौते से हल हो जाये। उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं से अधिक से अधिक लोगो को लाभान्वित कराये जाने के लिए कहा है।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती प्रदीप्ति सिंह एवं अपर जिला जज/नोडल अधिकारी मेगा कैम्प श्री विनोद कुमार चौरसिया ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि निर्बल वर्ग, दिव्यांगों, बच्चों, स्त्रियों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति हेतु जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराना तथा योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करके लोगो को जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा सम्पादित किए जा रहे विधिक साक्षरता कार्यक्रमों, दायित्वों एवं कर्तव्यों से सम्बंधित कार्यों का मूल्यांकन कर इन कार्यों को संस्था के रूप में सतत् रूप से आगे बढ़ाते हुए समाज के निर्बल वर्गो को पात्रता के आधार पर विधिक लाभ प्रदान किया जाता है।
इस अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों के द्वारा योजनाओं के बारे में जानकारी दिए जाने हेतु स्टॉल भी लगाये गये थे। माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों के द्वारा योजनाओं से सम्बंधित लगाये गये स्टॉलों का अवलोकन किया गया तथा सम्बंधित विभागों से योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए योजनाओं से अधिक से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित कराये जाने के लिए कहा। माननीय जनपद न्यायाधीश महोदय के द्वारा राजकीय पांडुलिपि कार्यालय, संस्कृति विभाग के सौजन्य से लगाई गई ज्ञान परंपरा पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारीगणों, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री के0वी0 तिवारी, श्री परमानंद मिश्रा, श्री देवेश शुक्ला के अलावा सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण, अधिवक्तागण, छात्र-छात्राएं सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री विकास गुप्ता के द्वारा किया गया।
